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योगी आदित्यनाथ की बहन विजय का तिलक देखना तिलक देखना चाहती हैं करती है रोज नीलकंठ महादेव से प्रार्थना ।

श्रेष्ठन्यूज़ देहरादून उत्तराखंड।

UP Election: दोबारा CM बने मेरा भाई, रोज ढाई किमी चल नीलकंठ महादेव को जल चढ़ा रहीं योगी आदित्यनाथ की वो बहन जिन्होंने बरसों ने नहीं बांधी राखी
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नेतृत्व में जीत दर्ज कर दोबारा सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। योगी आदित्यनाथ गोरखपुर शहर सीट से चुनाव मैदान हैं। एक तरफ, योगी आदित्यनाथ पार्टी के प्रचार में जुटे हैं तो दूसरी तरफ, उत्तराखंड में उनकी जीत के लिए प्रार्थना हो रही है। पौड़ी गढ़वाल में सीएम योगी की बहन नीलकंठ महादेव मंदिर में रोजाना उनकी जीत के लिए दुआएं मांग रही हैं।

नीलकंठ महादेव मंदिर के पास फूल-प्रसाद की 70 दुकानें हैं। इन्हीं में से शशि पयाल की एक दुकान है। इस दुकान में पूजा-पाठ व फूल प्रसाद के साथ खाने-पीने की चीजें भी मिलती हैं। इस दुकान का संचालन करने वाली शशि पयाल यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की बड़ी बहन हैं। इन दिनों उत्तर प्रदेश में चुनाव का माहौल है, ऐसे में शशि रोज अपने भाई की जीत के लिए नीलकंठ महादेव से प्रार्थना कर रही हैं। शशि कहती हैं कि वे अपने भाई के मस्तक पर विजय का तिलक देखना चाहती हैं।
28 साल से भाई की कलाई पर नहीं बांध सकीं हैं राखी
उनको इस बात का मलाल है कि वे 28 साल से अपने भाई की कलाई पर राखी नहीं बांध सकी हैं। हालांकि, हर साल राखी के त्योहार पर वह सीएम योगी को राखी भेजती हैं। उनका कहना है कि 1994 में योगी आदित्यनाथ ने संन्यास ले लिया था जिसके बाद से भाई को राखी नहीं बांध सकीं। शशि बताती हैं कि योगी आदित्यनाथ को उनके हाथ का पका भोजन भी खाना बहुत पसंद था। लेकिन अब तो कई सालों से वह उनके साथ खाना नहीं खाई हैं।
यमकेश्वर ब्लाक में पंचूर गांव के रहने वाले हैं योगी आदित्यनाथ
शशि कहती हैं कि योगी के संन्यास लेने के बाद भी उनको लगता था एक न एक दिन उनका भाई लौट आएगा। लेकिन वक्त गुजरने के साथ यह लगने लगा था कि अब यह संभव नहीं है। यूपी के सीएम योगी पौड़ी जिले में यमकेश्वर ब्लाक में पंचूर गांव के रहने वाले हैं। शशि का विवाह कोठार गांव के पूरण सिंह पयाल से हुआ है। शशि ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की है। दोनों पति-पत्नी हर दिन कोठार गांव से ढाई किमी दूर नीलकंठ महादेव मंदिर पैदल आते हैं और हर रोज सुबह सात बजे दुकान खोलते हैं। इसके बाद शाम वापस गांव लौट जाते हैं।

2 thoughts on “योगी आदित्यनाथ की बहन विजय का तिलक देखना तिलक देखना चाहती हैं करती है रोज नीलकंठ महादेव से प्रार्थना ।

  1. धन्य हैं वो माता पिता जिन्हे ऐसी संतान को जन्म देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।
    हमारी परम पिता परमात्मा से तहे दिल से प्रार्थना है कि परम पिता परमात्मा ऐसे भाई बहन पर अपनी असीम कृपा बनाये रखें ।

    देश वासियों को ऐसे योगी भाई बहन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन और अपने परिजनो मे ऐसे संस्कार प्रतिस्थापित करने चाहिएं ।

    हरि ओम ।

    ऐसे परिवार को कोटि कोटि नमन ।

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