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राजकीय चिकित्सालय में तैनात ठेका प्रथा के कर्मचारियों का सरकार पर गुस्सा फूटा।

 श्रेष्ठन्यूज़ देहरादून उत्तराखंड संपादक वन्दना रावत ।

देहरादून :- 31 मार्च को ठेका खत्म होने के बाद राजकीय चिकित्सालय में तैनात ठेका प्रथा के कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। सेवाएं समाप्त होने से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारी भड़क गए हैं। कर्मचारियों ने राजकीय चिकित्सालय में नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सरकार से उन्हें पुनः बहाली की मांग भी की गई।
शुक्रवार को राजकीय चिकित्सालय में तैनात ठेका प्रथा के कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने नौकरी से निकाले जाने पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि 4 साल से लेकर 19 साल तक के पुराने कर्मचारियों को ठेका खत्म होने की बात कहकर बाहर का रास्ता दिखा दिया है। जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कहना है कि कोरोना काल के दौरान उन्होंने अपनी जान पर खेलकर मरीजों को अपनी सेवाएं दी। जिसका इनाम उनको नौकरी गवा कर मिल रहा है। उन्होंने नौकरी बहाल नहीं होने तक सरकारी अस्पताल में सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन और धरना करने की चेतावन

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