Advertisement Section
Header AD Image

उत्तराखंड वन महकमे में 6 रेंजर्स का हुआ तबादला

 

देहरादून। उत्तराखंड वन महकमे में तबादलों को लेकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर हुआ होमवर्क हर किसी को हैरान कर रहा है। पहले राजाजी टाइगर रिजर्व में निदेशक का पद और अब देहरादून में रेंजर के पद पर बदलाव चर्चा का विषय बना हुआ है। उत्तराखंड वन मुख्यालय ने रेंजर्स के तबादले से जुड़ा आदेश जारी किया है। इसमें 6 रेंजर्स की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। हालांकि चर्चा देहरादून के रेंजर पद पर हुए बदलाव को लेकर हो रही है।
हरीश थपलियाल को बदरीनाथ वन प्रभाग से चकराता वन प्रभाग भेजा गया है। संजय कुमार को रुद्रप्रयाग वन प्रभाग से टौंस वन प्रभाग की जिम्मेदारी मिली है। गंभीर सिंह धमानंदा को देहरादून वन प्रभाग से केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की जिम्मेदारी दी गई है। शिव प्रसाद गैरोला को मसूरी वन प्रभाग से चकराता वन प्रभाग भेजा गया है। लक्ष्मण सिंह मार्तोलिया को रुद्रप्रयाग वन प्रभाग से हल्द्वानी वन प्रभाग भेजा गया है। विनोद चैहान को चकराता वन प्रभाग से रुद्रप्रयाग वन प्रभाग भेजा गया है। वैसे तो सभी तबादलों को जनहित में ही किया गया है, लेकिन रेंजर्स के बीच देहरादून के रेंजर गंभीर सिंह को लेकर चर्चा है। दरअसल गंभीर सिंह करीब 7 महीने पहले ही यमुना सर्किल से शिवालिक सर्किल में स्थानांतरित होकर देहरादून डिवीजन आए थे। 7 महीने में ही उनका दूसरी बार तबादला कर दिया गया। खास बात ये है कि उनके बदले किसी को देहरादून डिवीजन नहीं भेजा गया।
तबादलों को लेकर यह अधूरा होमवर्क है या कुछ और, यह तो कहा नहीं जा सकता लेकिन तबादले की सूची से पहले ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर निर्णय क्यों नहीं लिया जाता, यह एक बड़ा सवाल जरूर है। राजाजी टाइगर रिजर्व में भी यही स्थिति दिखाई दे रही है। सिविल सर्विस बोर्ड की बैठक होने के बाद इंडियन फॉरेस्ट सर्विस के अफसरों की तबादला सूची तो जारी कर दी गई, लेकिन राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पद पर कोई निर्णय नहीं हुआ।

  

Previous post महिला पर बाघ का हमला, महिला की मौत
Next post प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा से हुए नुकसान का संज्ञान लिया है