एआईसीसी के सदस्य रहे सजवाण ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा को अपना इस्तीफा भेजा दिया है। जिसमें उन्होंने इस्तीफा देने की व्यक्तिगत वजह बताई है। राजनीतिक गलियारों और उत्तरकाशी जिलों में दो दिन पूर्व से चर्चाओं का बाजार गर्म था कि सजवाण जल्द भाजपा का दामन थाम सकते हैं। पुरोला विधानसभा के पूर्व विधायक मालचंद ने भी अपना इस्तीफा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को भेज दिया है। मालचंद पूर्व में भाजपा में रहे हैं। उधर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष राणा ने कहा कि जिस पार्टी ने सजवाण को 20 सालों तक शीर्ष नेतृत्व में रखा, दो बार विधायक बनाया। उसे छोड़कर जाना कहीं न कहीं कार्यकर्ताओं को निराश करता है। उधर, भाजपा के जिलाध्यक्ष हरीश डंगवाल ने कहा कि भाजपा की विचारधारा और मोदी और धामी के नेतृत्व और नीतियों से प्रभावित होकर जो भी पार्टी में आना चाहता है। उनका स्वागत है। अगर विजयपाल सजवाण भाजपा में शामिल होते हैं तो इससे लोकसभा चुनाव में भाजपा को इसका लाभ होगा। क्योंकि भाजपा को मोदी को मजबूत करना है। मुझे अभी दो पूर्व विधायकों का इस्तीफा नहीं मिला है। इस समय कांग्रेस पार्टी सांप्रदायिक ताकत और संविधान को बचाने की लड़ाई लड़ रही है। ऐसे में समय में पार्टी छोड़कर जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। पूर्व विधायकों के इस कदम से पार्टी आहत है। पार्टी ने उन्हें पूरा मान सम्मान दिया। यदि किसी तरह की नाराजगी थी तो उन्हें पार्टी फोरम पर रखनी चाहिए।

