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प्रसार भारती के उत्तराखंड क्लस्टर प्रमुख ने आकशवाणी कर्मचारी के विरुद्ध देहरादून में दर्ज करवाई एफआईआर

 

देहरादून। सूचना, शिक्षा और मनोरंजन को सीमांत जनपद उत्तरकाशी में भारत सरकार ने आकाशवाणी केंद्र की स्थापना की थी। कुछ माह पूर्व में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तरकाशी में एफएम सेवा का उद्धघाटन किया था। आकाशवाणी का परिसर अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है, लेकिन उत्तरकाशी में आकाशवाणी की कॉलोनी जो अधिकारीयों और कर्मचारियों के लिए बनाई गई है उस पर बाहरी लोगों और विभाग के ही एक कर्मचारी ने अवैद्य कब्जा किया हुआ है। इस संबंध में आज प्रसार भारती उत्तराखण्ड के क्लस्टर प्रमुख श्री अशोक कुमार ने देहरादून नेहरू कॉलोनी थाने में एकआईआर दर्ज की।
एफआईआर के अनुसार वर्ष 2012 में उत्तरकाशी में आई आपदा के बाद आकाशवाणी कालोनी, लदाडी उत्तरकाशी में अन्य अवैध कब्जाधारियों में से एक विभागीय कर्मचारी मदनलाल ने आवंटित आवास के अतिरिक्त एक अन्य आवास पर कब्जा किया हुआ है और परिसर में अवैध निर्माण कर गाय पालन का कार्य उनके द्वारा किया जा रहा है। इस पर कार्रवाई करते हुए उनका आवंटन विभाग ने निरस्त कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार
मदन लाल ने फर्जी हस्ताक्षर एवम कार्यालय की मोहर का दुरुपयोग करते हुए जल संस्थान उत्तरकाशी में अपने नाम से जल संयोजन हेतु आवेदन में फर्जी अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दिया। उक्त फर्जी कार्य का संज्ञान लेते हुए कलस्टर कार्यालय दूरदर्शन ने जालसाजी एवम् आवास हड़पने का षड्यंत्र मानते हुए उनके विरुद्ध नेहरू कॉलोनी थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की है। प्रसार भारती उत्तराखण्ड के कलस्टर प्रमुख अशोक कुमार ने इस बावत बताया कि अभी विभागीय कर्मचारी श्री मदन लाल के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई  कर उनका आवंटन रद्द कर उनके विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही अन्य कब्जाधारियों जिनमें नेत्री विद्वान स्वराज भी शामिल हैं के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। श्री कुमार ने इस संबंध में बताया कि प्रसार भारती द्वारा जिलाधिकारी उत्तरकाशी को भी इन अवैध कब्जों के बारे में सूचित किया जा चुका है। उन्होंने सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जों को हटाने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।

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