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ड्रग्स, तस्करी, धोखाधड़ी और बाल यौन दुर्व्यवहार प्रसार करने का अड्डा बना टेलीग्राम

नई दिल्ली, 1 सितम्बर साइबर-सिक्योरिटी पॉडकास्टर पैट्रिक ग्रे सेशल मैसेंजर एप टेलीग्राम को जेब में पड़ा डार्क वेब बताते हैं। टेलीग्राम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पावेल दुरोव की फ्रांस में गिरफ्तारी के बाद टेलीग्राम को नियमों के दायरे में लाने के लिए पूरी दुनिया में बहस छिड़ गई है। फ्रांस में दुरोव पर टेलीग्राम पर अवैध लेनदेन, ड्रग्स की तस्करी, धोखाधड़ी और बच्चों के यौन दुर्व्यवहार से जुड़ी तस्वीरों के प्रसार में मिलीभगत का आरोप लगाया गया है।

डार्क वेब इंटरनेट के उस हिस्से को कहा जाता है, जहां आप किसी विशेष सॉफ्टवेयर और पूर्व की जानकारी के जरिए ही पहुंच सकते हैं। 2011 में सिल्क रूट रोड मार्केट प्लेस की लॉन्चिंग के बाद से ही वेबसाइटों की एक ऐसी पूरी शृंखला है जो गैरकानूनी सामान और सेवाएं बेचती हैं।

टेलीग्राम अपराधियों का स्वर्ग
दुरोव की गिरफ्तारी के बाद पैट्रिक ग्रेन ने अपने पॉडकॉस्ट में जोखिम वाला व्यवसाय बताते हुए टिप्पणी की थी कि टेलीग्राम लंबे समय से अपराधियों के लिए स्वर्ग बना हुआ है। हम टेलीग्राम पर प्रसारित हो रही बाल यौन दुर्व्यवहार सामग्री, ड्रग्स के धंधे और आपराधिक गतिविधयों के डार्क वेब स्तर तक पहुंच जाने का मामला लगातार उठा रहे हैं। लेकिन टेलीग्राम इन्हें रोकने के लिए कुछ नहीं कर रहा।

45 हजार ग्रुप्स पर कार्रवाई
टेलीग्राम का अपने आधिकारिक वक्तव्य में कहना है कि वह अपनी साइट पर बच्चों के यौन दुर्व्यवहार सहित सभी गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए सक्रिय होकर काम करता है। अगस्त में ही 45 हजार ग्रुप्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है। गत जून में पावेल दुरोव ने एक साक्षात्कार में बताया था कि उन्होंने अपने प्लेटफार्म को चलाने के लिए करीब 30 इंजीनियरों को नियुक्त किया है।

छोटे अपराधियों का पसंदीदा अड्डा
साइबर सिक्योरिटी कंपनी इंटेल47 के रिसर्चकर्ताओं ने बताया कि टेलीग्राम से पहले ड्रग्स और गैर कानूनी गतिविधियां छिपे हुए डार्क वेब का हिस्सा थीं। लेकिन अब टेलीग्राम छोटे अपराधियों के बीच सबसे लोकप्रिय ठिकाना है। हैकर ग्रुप चिलिन ने नेशनल हेल्थ सर्विस अस्पतालों से हफ्ता वसूली के लिए ब्लड टेस्ट डेटा सार्वजनिक किए और इसे पहले अपने टेलीग्राम चैनल पर डाला। स्पेन और दक्षिण कोरिया की स्कूली छात्राओं की फर्जी नंगी तस्वीरें बनाने में इस्तेमाल की गई डीप फेक सर्विस टेलीग्राम पर अपनी सेवाएं चलाती है और भुगतान भी इसी चैनल के मध्य से करती है। टेलीग्राम पर ड्रग्स का धंधा करने वाले भी हैं। यह स्नैप चैट और अन्य सोशल मीडिया साइट्स पर प्राइवेट चैट्स के जरिए भी होता है। मगर टेलीग्राम चैनलों का तो विज्ञापन होता भी दिखता है।

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