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छोटे भाई को बचाने में खुद डूब गईं दो बहनें साक्षी (15 वर्ष) और वैष्णवी (13 वर्ष)

ऋषिकेश, 16 सितम्बर.  दो बहनों ने गंगा में डूब रहे भाई को बचाने के लिए जान की बाजी लगा दी। दोनों बहादुर बेटियों ने अपने भाई को तो गंगा की लहरों से खींचकर जीवनदान दे दिया लेकिन इसकी कीमत अपने प्राण देकर अदा करनी पड़ी। इस साहसिक और मर्माहत कर देने वाली इस घटना से क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है।  यह दुखद वाकया हरिपुर कलां स्थित गीता कुटीर घाट का है।
जानकारी के अनुसार 9 वर्षीय सूरज पुत्र अनिल सिंह अपनी दो बहनों साक्षी (15 वर्ष), वैष्णवी (13 वर्ष) के साथ सोमवार को गंगा स्नान करने गया था। सूरज गीता कुटीर घाट पर स्नान कर रहा था। इसी दौरान सूरज के पांव गंगा की तेज धार में उखड़ गए और वह डूबने लगा। इस दौरान डूबते बालक ने चिल्लाना शुरू किया तब बहनों को आभास हुआ कि सूरज के प्राण संकट में हैं।
छोटे भाई के प्राण पखेरू गंगा के भंवर में लड़खड़ाते देख दोनों बहने अदम्य साहस के साथ गंगा में कूद पड़ीं। अपनी जान की परवाह किए बगैर गंगा की धारा से लड़ते हुए उन्होंने अपने प्यारे भाई को तो बचा लिया लेकिन खुद के प्राणों की रक्षा नहीं कर सकीं। ऐसा नहीं कि वीर बालाओं ने तुरंत हार मान ली हो, वे काफी देर तक लहरों के थपेड़ों से जूझती रहीं। आखिरकार गंगा के तेज बहाव  ने साक्षी और वैष्णवी को अपनी आगोश में समेट लिया। कुछ दूर जाकर दोनों बहने गंगा की लहरों के डूबते उतराते अदृश्य हो गईं।
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