यमकेश्वर, 23 फरवरी। नैनीडांडा ब्लॉक के गांवों में जहां मुसीबत की वजह बनी लैंटाना की झाड़ियों का उन्मूलन हो सकेगा, वहीं जंगली जानवरों की समस्या से भी निजात मिल सकेगी। इसके लिए ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप) के तहत 10 लाख की लागत से हल्दूखाल में बायोमास डस्ट प्लांट स्थापित किया गया है।
क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा ये प्रोजेक्ट
लैंटाना (कूरी) उन्मूलन के लिए इस प्रोजेक्ट का ट्रॉयल सफल रहा। यह प्रोजेक्ट क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा और इससे स्थानीय महिलाओं को स्वरोजगार भी मिल सकेगा। हाल ही में नैनीडांडा ब्लॉक के निरीक्षण के दौरान सीडीओ पौड़ी जीसी गुणवंत ने इस बायोमास प्रोजेक्ट के बारे में ब्लॉक के अधिकारियों एवं स्थानीय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ विचार विमर्श किया था। इसके बाद इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारा गया। इस प्रोजेक्ट से जहां क्षेत्र की आर्थिकी बढ़ेगी। वहीं महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
नैनीडांडा ब्लाक के गांवों में कूरी के कटान का काम जोरों पर
प्रधान संगठन के निवर्तमान अध्यक्ष देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि वर्तमान में नैनीडांडा ब्लॉक के दूरस्थ ग्राम सभाओं को छोड़कर अन्य सभी में लैंटाना झाड़ियों के कटान का कार्य चल रहा है। कीपर मशीन से लैंटाना का डस्ट तैयार कर इससे कोयला बनाया जाएगा और उत्पादित कोयले का विपणन किया जाएगा।
ग्रामीण महिलाओं को मिल रहा रोजगार
उन्होंने बताया कि योजना के तहत क्लस्टर की 345 महिलाओं से 300 रुपये दैनिक वेतन पर झाड़ी कटान का कार्य करवाया जा रहा है। प्रोजेक्ट का संचालन नई पहल क्लस्टर उम्टा कर रही है। प्रोजेक्ट के ट्रायल के मौके पर बीडीओ नैनीडांडा प्रमोद चंद्र पांडे, रीप परियोजना से साहिल, एनआरएलएम से अखिलेश, बृजेश गौड़, मनोज, नई पहल क्लस्टर उम्टा के कर्मचारी एवं महिला समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।