पुणे, 2 दिसम्बर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर.एस.एस.) के सरसंघचालक डा. मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि सबकी भलाई का प्रतीक भव्य राम मंदिर अब बन चुका है और अगला कदम भी शानदार, शक्तिशाली और सुंदर ‘राष्ट्रीय मंदिर’ बनाना है। भागवत यहां आर.एस.एस. के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत कोथरूड के यशवंतराव चव्हाण नाट्यगृह में आदित्य प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित आभार समारोह को संबोधित कर रहे थे।
डा. भागवत ने कहा कि संघ में कोई अहंकार की भावना नहीं है क्योंकि संघ समाज के लिए निस्वार्थ भाव से काम करता है। उन्होंने कहा, “संघ पूरे समाज का संगठन चाहता है। एक एकजुट समाज ही देश को खुशहाल बना सकता है और एक मजबूत देश ही दुनिया में शांति ला सकता है। हमारा यह दावा नहीं है कि सिर्फ संघ ही देश का भला करेगा। अगर समाज मजबूत होगा तो देश अपने आप ऊपर उठेगा। संघ इसलिए बढ़ा क्योंकि मुश्किल समय में समाज ने उसका साथ दिया।”
इस मौके पर आदित्य प्रतिष्ठान के अध्यक्ष शंकर अभ्यंकर ने कहा कि हमलों की वजह से दुनिया के कई सामाजिक मानदंड खत्म हो गए, लेकिन भारत की हिंदू संस्कृति जो पूरी दुनिया को एक परिवार मानती है, बची रही। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश राज भी भारत की पहचान तोड़ने के लिए किया गया हमला था। वहीं जगद्गुरु शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती स्वामी ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति इंसानियत को दुनिया की भलाई की ओर ले जाती है।
