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टिम्मरसैंण महादेव ने लिया बर्फीला स्वरूप, जम गए उत्तराखंड के मिनी अमरनाथ

चमोली, 9 दिसम्बर। भारत-चीन सीमा पर स्थित नीती घाटी की टिम्मरसैंण गुफा में बाबा बर्फानी इन दिनों भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। यहां बर्फ की शिलाओं ने शिवलिंग का आकार ले लिया है। बड़ी संख्या में लोग यहां दर्शन करने पहुंच रहे हैं। चमोली जनपद सहित उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में इन दिनों कड़ाके की शीत लहरी का प्रकोप जारी है, जिसके चलते सुबह और शाम के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।
नीती गांव के पास टिम्मरसैंण महादेव गुफा स्थित है। सर्दियों में यहां पर प्राकृतिक रूप से बर्फ की शिला शिवलिंग का रूप ले लेती है। श्रद्धालु यहां बाबा बर्फानी के दर्शन करने पहुंचते हैं। यहां पर स्थानीय ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न क्षेत्रों से लोग दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। यहां दिसंबर से मार्च तक बाबा बर्फानी के दर्शन होते हैं।
भीषण ठंड का परिणाम यह है कि भारत-चीन सीमा के अंतिम गांव नीति में स्थित प्रसिद्ध टिम्मरसैंण महादेव का मंदिर पूरी तरह से बर्फ की आगोश में समा गया है। यह मंदिर अपनी प्राकृतिक बर्फ की संरचना के कारण उत्तराखंड के मिनी अमरनाथ के नाम से विख्यात है। यहां शिवलिंग के ऊपर से टपकने वाला पानी अब जम चुका है और उसने विशालकाय बर्फ की शिला का रूप ले लिया है। ये बड़ी-बड़ी बर्फीली शिलाएं पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। जो भी पर्यटक इन दिनों नीति घाटी की ओर रुख कर रहे हैं, वे इस अद्भुत और दिव्य बर्फीले नजारे को देखने के लिए टिम्मरसैंण महादेव पहुंच रहे हैं।
कन्हैया बैजवाणी, अभिषेक बिष्ट ने बताया कि महादेव के दर्शन करने से अलग आनंद महसूस हो रहा है। उत्तराखंड सरकार भी इस धार्मिक और पर्यटन स्थल को बढ़ावा देने के लिए लगातार अनेक विकास कार्यों को अंजाम दे रही है।
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