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माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्‍य नडेला ने PM मोदी से की मुलाकात, फिर कर दिया 1.57 लाख करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान

नई दिल्ली, 9 दिसम्बर। माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्‍य नडेला ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद भारत में बड़े निवेश का ऐलान किया है. उनकी कंपनी भारत में 17.5 अरब डॉलर (1.57 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगी, जो एशिया में माइक्रोसॉफ्ट का अबतक का सबसे बड़ा निवेश है.
माइक्रोसॉफ्ट का यह निवेश भारत के AI First फ्यूचर के लिए आवश्यक इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर, स्किल और सॉवरेन कैपिबिलिटी के निर्माण में मदद के लिए होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद सत्‍य नडेला ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर इस बड़े निवेश की जानकारी दी है.
उन्‍होंने लिखा, ‘भारत के AI अवसर पर प्रेरणादायक बातचीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का धन्‍यवाद. भारत की महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए, माइक्रोसॉफ्ट 17.5 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करने जा रहा है, जो  एशिया में हमारा अब तक का सबसे बड़ा निवेश है, ताकि भारत के AI First फ्यूचर के लिए आवश्‍यक इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर, स्किल और सॉवरेन कैपिबिलिटी के निर्माण में मदद मिल सके.
जनवरी में किया था बड़ा ऐलान
साल 2025 के जनवरी में अपनी भारत यात्रा के दौरान नडेला ने ऐलान किया था कि कंपनी अगले 2 सालों में भारत में क्‍लाउड, AI इंफ्रा और स्किल डेलवलपमेंट में 3 अरब डॉलर का निवेश करेगी, जिसमें नए डेटासेटर्स को बनाना भी शामिल है.
भारत के एआई मार्केट को गति देगा माइक्रोसॉफ्ट
टेक दिग्‍गज कंपनी ने एक बयान में कहा था कि इस निवेश का लक्ष्‍य भारत में AI को स्‍पीडअप करना है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित राष्ट्र (विकसित भारत) बनने के नजरिए को हासिल करने के लिए महत्‍वपूर्ण है. कंपनी ने ऐलान किया है कि माइकोसॉफ्ट अपने एडवांटा (AI) GE इंडिया प्रोगराम के दूसरे संस्‍करण में अगले पांच सालों में 10 मिलियन लोगों को AI स्किल की ट्रेनिंग देकर देश की लॉन्‍गटर्म कंम्‍पटीशन को भी सपोर्ट देगा.
भातर दौरे के दौरान नडेला ने कहा था कि भारत तेजी से AI नवाचार में आगे बढ़ रहा है, जिससे देशभर में नए अवसर खुल रहे हैं. आज हम इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर और स्किल डेवलपमेंट में जिस निवेश का ऐलान कर रहे हैं, वह भारत को AI में खास बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है और यह तय करने में मदद करेगा कि देशभर के लोगों और संगठनों को व्‍यापक तौर से लाभ मिले.
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