पौराणिक मान्यता के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा के दिन भगवान बुद्ध का अवतरण हुआ था, आज ही के दिन उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ था और आज ही के दिन उनका निर्वाण भी हुआ था। इस दिन गंगा स्नान का भी खास महत्व बताया जाता है। आज के दिन गंगा स्नान, दान, और भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन विशेष फलदायी होता है। बुद्ध पूर्णिमा स्नान से एक दिन पहले ही हरिद्वार में श्रद्धालुओं का आना शुरू गया था। सुबह से ही हर की पौड़ी समेत सभी गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाना शुरू किया। यह क्रम दिनभर चलता रहा। मान्यता है कि गंगा स्नान करने से मां गंगा अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए खास इंतजाम किए हैं। जाम से बचने के लिए ट्रैफिक भी डायवर्ट किया गया है। इसके साथ ही सभी दिशाओं से हरिद्वार में आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग भी निर्धारित की गई है। इस दौरान हालांकि सुबह से हाईवे पर जाम नजर आया।

