Advertisement Section
Header AD Image

कैंसर का सही इलाज कराने में उम्र बाधा नहीं 87 वर्षीय महिला की सफल सर्जरी

कैंसर के इलाज के लिए कोई आयु सीमा नहीं, 87 वर्षीय महिला की सफल सर्जरी

देहरादून। कैंसर का सही इलाज कराने में उम्र बाधा नहीं बननी चाहिए। इस संदेश को हाल ही में श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में एक 87 वर्षीय महिला की सफल सर्जरी से बल मिला है, जो अपने दोनों स्तनों में कैंसर से पीड़ित थी। इस प्रेरक उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि सही दृष्टिकोण और देखभाल से वृद्धावस्था में भी कैंसर का इलाज सफल हो सकता है। अस्पताल के वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ डॉ. पंकज गर्ग के अनुसार, कैंसर के इलाज के लिए केवल उम्र ही बाधा नहीं होनी चाहिए। लोगों की उम्र के रूप में, वे अन्य स्वास्थ्य मुद्दों को विकसित करते हैं, जो कैंसर के उपचार को जटिल बना सकते हैं। हालांकि, सावधानीपूर्वक मूल्यांकन और व्यक्तिगत उपचार योजनाओं के साथ, वृद्ध रोगी कैंसर के उपचार को सहन कर सकते हैं और अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।
87 वर्षीय महिला, जिसे द्विपक्षीय स्तन कैंसर था, ने डॉ. गर्ग और उनकी टीम की मदद से अपने दोनों स्तनों को सफलतापूर्वक हटा दिया। अपनी उम्र के बावजूद, वह बीमारी से लड़ने के लिए दृढ़ थी और बिना किसी जटिलता के सर्जरी की गई। उनका सकारात्मक रवैया और इलाज कराने की इच्छा सभी के लिए प्रेरणा का काम करती है। डॉ. गर्ग इस बात पर जोर देते हैं कि वृद्ध रोगियों को केवल उनकी उम्र के आधार पर कैंसर के उपचार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। बल्कि, सबसे उपयुक्त उपचार का निर्णय लेने से पहले किसी भी सहरुग्णता सहित रोगी की स्वास्थ्य स्थिति का व्यापक मूल्यांकन किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, व्यक्तिगत देखभाल, जैसे कि जराचिकित्सक की भागीदारी, उपचार के परिणामों और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद कर सकती है। 87 वर्षीय महिला का सफल इलाज इस बात की याद दिलाता है कि कैंसर उम्र के आधार पर भेदभाव नहीं करता है और सही इलाज पाने में उम्र को बाधा नहीं बनना चाहिए। सही दृष्टिकोण और देखभाल के साथ, वृद्ध रोगी कैंसर के उपचार को सहन कर सकते हैं और इससे लाभान्वित हो सकते हैं। यह जराचिकित्सा ऑन्कोलॉजी में अधिक शोध के लिए एक प्रेरणा के रूप में काम करना चाहिए और वृद्ध वयस्कों के लिए कैंसर देखभाल तक पहुंच में सुधार करना चाहिए।

Previous post एसडीआरएफ के जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया -एस.डी.आर.एफ में कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जोखिम भत्ता प्रदान किया जाएगा
Next post डोटल गांव में अधूरा पड़ा है सड़क का निर्माण कार्य, ग्रामीणों ने किया धरना-प्रदर्शन