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1 मई से ATM ट्रांजैक्शन होगा महंगा, पूरे देश में लागू होगी शुल्क में वृद्धि

नई दिल्ली, 25 मार्च। 1 मई से देश में ATM विद्ड्रॉल (Cash Withdrawal) ज्यादा महंगे होना जा रहा है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ATM इंटरचेंज फीस में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. इसका मतलब है कि ATMs के जरिए फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन (Financial Transaction) पर मई से अतिरिक्त चार्ज लगेगा. ATM इंटरचेंज फी वो चार्ज है, जो एक बैंक दूसरे को ATM सर्विसेज उपलब्ध कराने के लिए देता है.

ये फीस आम तौर पर प्रति ट्रांजैक्शन तय राशि होती है. इसे अक्सर ग्राहकों तक उनके ओवरऑल ट्रांजैक्शन कॉस्ट के हिस्से के तहत पहुंचाया जाता है. आरबीआई ने व्हाइट-लेबल एटीएम ऑपरेटरों के अनुरोधों के बाद इन शुल्कों को रिवाइज करने का फैसला किया, जिन्होंने तर्क दिया कि बढ़ते परिचालन व्यय उनके व्यवसाय को प्रभावित कर रहे हैं।

पूरे देश में लागू होगी शुल्क में वृद्धि
शुल्क में वृद्धि पूरे देश में लागू होगी और इसका असर ग्राहकों, खासकर छोटे बैंकों के ग्राहकों पर पड़ने की उम्मीद है। ये बैंक एटीएम इंफ्रास्ट्रक्चर और इससे जुड़ी सेवाओं के लिए बड़े वित्तीय संस्थानों पर निर्भर हैं, जिससे वे बढ़ती लागतों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं।

ऑपरेटर्स की मांगों के बाद फैसला
RBI ने व्हाइट-लेबल ऑपरेटर्स से मांगों के बाद नए चार्जेज का ऐलान किया. ऑपरेटर्स का तर्क था कि ऑपरेशनल लागत बढ़ने से उनके कारोबार पर असर पड़ रहा है. इन बदलावों से उन ग्राहकों पर और बोझ बढ़ेगा जो डिजिटल ट्रांजैक्शंस की जगह कैश विद्ड्रॉल को प्राथमिकता देते हैं.

ATM चार्जेज में बढ़ोतरी पूरे देश में लागू होगी. अतिरिक्त शुल्क तब लागू होगा, जब ग्राहक एक बार अपनी फीस लिमिट को पूरा कर देंगे. नए चार्जेज से छोटे बैंकों के ग्राहकों पर ज्यादा बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है, क्योंकि ये बैंक ATM इंफ्रास्ट्रक्चर और संबंधित सेवाओं के लिए बड़े बैंकों पर निर्भर हैं.

नए ATM चार्जेज क्या हैं?
1 मई से ग्राहकों को वित्तीय ट्रांजैक्शंस के लिए अतिरिक्त 2 रुपये का भुगतान करना होगा. गैर-वित्तीय ट्रांजैक्शंस के लिए नई फीस में 1 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. ATMs में कैश विद्ड्रॉल पर 19 रुपये का चार्ज लगेगा, जो इससे पहले 17 रुपये था. इसी तरह बैलेंस जानने की सुविधा पर 7 रुपये/ ट्रांजैक्शन का चार्ज लगेगा. ये साफ कर दें कि ये चार्जेज तभी लागू होंगे जब फ्री लिमिट खत्म हो चुकी है. एक समय पर ATMs को क्रांतिकारी समझा जाता था. लेकिन डिजिटल भुगतान का चलन बढ़ने के साथ अब इनका इस्तेमाल घटा है.

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