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उत्तराखण्ड के ऊंचे हिमालय पर्वत में पाये जाने वाले ब्रह्मकमल भी खिल उठे

देहरादून। भादों की धूप खिल खिला उठी है। मार्ग खुले हुए हैं एवं तीर्थयात्री आस्था से श्री हेमकुण्ट साहिब के दर्शन हेतु पहुंच रहे हैं। तकरीबन आठ माह बर्फ में ढका होने के कारण संगत बहुत छोटे समय के लिए ही दर्शन कर पाती हैं। श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेण्ट ट्रस्ट सभी श्रद्धालुओं से निवेदन करता है की किसी भी असत्य जानकारी से प्रभावित ना होएं तथा श्री हेमकुण्ट साहिब के दर्शन हेतु आयें। यात्रा मार्ग खुला एवं सुरक्षित है तथा पर्याप्त सुविधायुक्त है। इस समय श्री हेमकुण्ट घाटी प्रकृति का अदभुत नजारा पेश करते हुई विभिन्न रंगों के फूलों से मंत्रमुग्ध कर रही है। उत्तराखण्ड के ऊंचे हिमालय पर्वत में पाये जाने वाले ब्रह्मकमल भी खिल उठे हैं। देश विदेश में रह रहे सभी श्रद्धालु यात्रा के लिए आ सकते हैं। अक्तूबर माह मैं यात्रा समाप्त होने एवं कपाट बंद होने की तिथि ट्रस्ट द्वारा बहुत जल्द अपनी मीटिंग में फ़ैसला कर सरकार से विचार कर घोषित की जाएगी।

 

      

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