Advertisement Section
Header AD Image

पेपर लीक विवाद के बीच आयोग के सचिव संतोष बडोनी को हटाया।

श्रेष्ठन्यूज़ देहरादून उत्तराखंड संपादक वन्दना रावत।

 

देहरादूनर। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में पेपर लीक विवाद के बीच राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए सचिव संतोष बडोनी को हटा दिया है। वहीं, पीसीएस शालिनी नेगी को परीक्षा नियंत्रक और सचिवालय सेवा के सचिव संयुक्त सुरेंद्र रावत को आयोग में सचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है।
अधीनस्थ आयोग की विभिन्न परीक्षाओं की भर्तियों में कई अनियमितताओं के खुलासे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर धामी पूरी तरह से एक्शन के मूड में हैं। पेपर लीक मामले में एसटीएफ अब तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। खास बात यह है कि इनमें सात सरकारी और तीन आउटसोर्स कर्मचारी भी शामिल हैं। माह के दूसरे शनिवार के चलते सचिवालय में अवकाश होने के बावजूद मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर सचिव कार्मिक शैलेश बगोली ने आयोग के सचिव संतोष बडोनी को हटाने का आदेश किया। उनका डेपुटेशन 30 सितंबर को खत्म होने जा रहा था। सरकार ने बीच में ही डेपुटेशन अवधि को रद्द कर दिया है। बडोनी अपने मूल काडर सचिवालय सेवा में संयुक्त सचिव के पद पर ज्वाइनिंग देंगे।
सरकार ने उत्तरकाशी की एसडीएम शालिनी नेगी को आयोग में परीक्षा नियंत्रक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। पीसीएस एनएस डांगी इस पद तैनात थे, जो इसी साल जनवरी माह में रिटायर हो गए थे। उधर, सचिवालय सेवा के संयुक्त सचिव एसएस रावत आयोग में सचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालेंगे। रावत वर्ष 2019 से 2022 तक एचएनबी चिकित्सा शिक्षा विश्व विद्यालय में रजिस्ट्रार भी रह चुके हैं। पेपर लीक विवाद सामने आने पर आयोग के अध्यक्ष व पूर्व अपर मुख्य सचिव एस राजू ने नैतिकता के आधार पर बीती पांच अगस्त को इस्तीफा दे दिया था। अभी सरकार ने उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया है। उनका कार्यकाल भी 23 सितंबर को खत्म होना था।

Previous post नेपाल सीमा पर मंच गांव पहुंचकर सीएम ने ग्रामीणों का हौसला बढ़ाया।
Next post तिरंगा रैली में दर्जनों मुस्लिम धर्मगुरु व मुस्लिम तलबाओं ने हिस्सा लिया।