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उत्तराखंड के जयहरीखाल ब्लाक के मेरुडा गांव की हमारी भूली अंकिता ध्यानी ने 38 वें राष्ट्रीय खेल 2025 देश की ‘गोल्डन’ गर्ल बनी

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यमकेश्वर, 17 परवरी। पौड़ी गढ़वाल जिले के जयहरीखाल ब्लाक के मेरुडा गांव की अंकिता ध्यानी ने तीन हजार मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण पदक जीतकर गढ़वाल का मान बढ़ाया है। उनकी ये उपलब्धि हमारे क्षेत्र एवं ब्लॉक ही नहीं बल्कि संपूर्ण राज्य के लिए गौरव की बात है। एक छोटे से गांव से निकलकर कम संसाधन होते हुए भी आज अनेक बहनों की प्रेरणा स्रोत अंकिता ध्यानी ने संपूर्ण उत्तराखंड का नाम रोशन किया।अंकिता ध्यानी के माता पिता, शिक्षकों, समर्थकों का बहुत-बहुत धन्यवाद एवं साधुवाद, जिन्होंने अंकिता के आत्मविश्वास को इस प्रकार से बनाए रखा कि आज वह भारत ही नहीं बल्कि पूरे एशिया में और विश्व में भारत का मान सम्मान बढ़ा रही है।

पौड़ी के मरोड़ा गांव से आती हैं अंकिता
बता दें अंकिता ध्यानी पौड़ी गढ़वाल के जयहरीखाल ब्लॉक के मरोड़ा गांव से आती हैं. अंकिता ध्यानी ने बताया उनके घर से हमेशा ही उनके खेल के प्रति बहुत ज्यादा सपोर्ट रहा है. बचपन से ही उन्होंने खेलकूद में हिस्सा लेना शुरू किया. शुरुआत में वह स्कूलों में खेला करती थी. जहां उनकी जीत की शुरुआत हुई. उन्होंने बताया धीरे धीरे वह डिस्ट्रिक्ट लेवल और नेशनल लेवल पर खेलने लगी. जिसके बाद उनके परिवार ने उन्हें और ज्यादा सपोर्ट किया. अंकिता ने बताया उन्होंने हाल ही में पेरिस में हुए ओलंपिक खेलों में ब्रॉन्ज मेडल जीता. इस बार के लिए उन्होंने उससे कही ज्यादा मेहनत की.

तीन अलग-अलग इवेंट में कर रही प्रतिभाग
गोल्ड मेडल जीतने के बाद ईटीवी भारत से खास बातचीत करते हुए अंकिता ध्यानी ने कहा उन्हें बहुत खुशी और गर्व महसूस हो रहा है क्योंकि उन्होंने यह गोल्ड मेडल अपने होम ग्राउंड में प्राप्त किया है. बता दें अंकिता केवल 3000 मीटर ही नहीं बल्कि एथलेटिक्स इवेंट्स के तीन अलग-अलग इवेंट में भाग ले रही हैं. जिसमें से उनका 10,000 मीटर वाला इवेंट हो चुका है. जिसमें उन्होंने सिल्वर मेडल जीता है. इसके अलावा अंकिता ध्यानी 5000 मीटर रेस में 15:56.03 मिनट में दौड़ पूरी करके स्वर्ण पदक जीता। अंकिता ध्यानी ने 10,000 मीटर रेस उनका मेन इवेंट नहीं हैं. उन्होंने खुद को आजमाने के लिए इसमें भाग लिया. जिसमें उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किया.

अंकिता ध्यानी का खेल करियर
अंकिता ध्यानी ने छोटी उम्र से ही दौड़ना शुरू कर दिया था। उन्होंने अपनी पहली दौड़ अपने स्कूल में जीती थी। इसके बाद उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया और कई पदक जीते। 2023 में उन्होंने 38वें राष्ट्रीय खेलों में 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 3000 मीटर दौड़ में भी स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा, उन्होंने 1500 मीटर दौड़ में कांस्य पदक भी जीता था। अंकिता ध्यानी एक प्रतिभाशाली धाविका हैं और उनसे भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद है। वह ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं।

अंकिता ध्यानी को मिले पुरस्कार और सम्मान– उत्तराखंड सरकार द्वारा ‘उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार’, देवभूमि खेल रत्न अवार्ड

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