देहरादून, 25 फरवरी। देहरादून बार एसोसिएशन चुनाव के नतीजे जारी हो गए हैं। इस बार नौ बार के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने पलटवार करते हुए 10वीं बार अध्यक्ष पद की कुर्सी कब्जाई। उन्होंने निवर्तमान अध्यक्ष राजीव शर्मा बंटू को 131 मतों से शिकस्त दी। कंडवाल पिछले साल बंटू से 70 वोटों से हारे थे। उधर, सचिव पद पर राजबीर बिष्ट अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब हो गए। बिष्ट लगातार तीसरी बार बार एसोसिएशन के सचिव बने।
इस साल देहरादून बार एसोसिएशन में 12 पदों पर कार्यकारिणी के चुनाव होने थे, लेकिन इनमें से कोषाध्यक्ष ललित भंडारी निर्विरोध चुने गए। ऐसे में 11 पदों पर सोमवार को मतदान हुआ था। कुल 2765 अधिवक्ताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। मंगलवार को सुबह करीब साढ़े नौ बजे से मतगणना शुरू हुई। इसमें शुरुआत से ही मनमोहन कंडवाल आगे चल रहे थे। शाम होते होते स्थिति साफ हुई तो मनमोहन कंडवाल अध्यक्ष पद पर विजयी घोषित हो गए। मनमोहन कंडवाल को 1152 मत मिले। जबकि, राजीव शर्मा बंटू को 1021 मत हासिल हुए।
अनिल शर्मा चीनी को इस बार 512 मतों से ही संतोष करना पड़ा। जबकि, पिछले साल उन्हें 700 से ज्यादा मत मिले थे। अध्यक्ष पद के चौथे प्रत्याशी सुरेंद्र थपलियाल 100 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए। उन्हें केवल 62 अधिवक्ताओं ने ही अपना वोट दिया। बता दें कि मनमोहन कंडवाल 2022 तक लगातार सात बार अध्यक्ष रहे थे। इससे पहले दो बार अध्यक्ष बने थे। वर्ष 2023 में उन्होंने एकाएक अंतिम समय पर चुनाव न लड़ने का फैसला किया। ऐसे में सात सालों तक उनके जोड़ीदार के रूप में सचिव रहे अनिल शर्मा चीनी को इसका फायदा मिला और वह 2023 में अध्यक्ष बने।
अगले साल यानी 2024 में एक बार फिर मनमोहन कंडवाल मैदान में उतरे, लेकिन उन्हें राजीव शर्मा बंटू से 70 वोटों से हार मिली। इस बार अधिवक्ताओं के चेंबर निर्माण की रणनीति ने चुनाव के समीकरण बदल दिए। दिसंबर में हुई आम सभा में अधिवक्ताओं ने वर्तमान कार्यकारिणी के फैसले के खिलाफ आवाज उठाई। ऐसे में मनमोहन कंडवाल को इसका सीधा लाभ हुआ और वह एक बार फिर से बार में अपनी सरकार बनाने में कामयाब हो गए। लगातार तीसरी बार उनका साथ सचिव राजबीर बिष्ट सचिव देंगे। अधिवक्ता राजबीर बिष्ट तीन बार सचिव चुने गए, लेकिन उनके साथ अध्यक्ष हर बार अलग ही रहा।
अध्यक्ष- मनमोहन कंडवाल, सचिव: राजबीर सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष(सामान्य पद): भानु प्रताप सिसौदिया, उपाध्यक्ष(महिला आरक्षित): सीमा चड्ढा, सह-सचिव: कपिल अरोड़ा, पुस्तकालय अध्यक्ष: सुभाष परमार, कोषाध्यक्ष/संप्रेषण: ललित भंडारी (निर्विरोध), कार्यकारिणी सदस्य- दीपक त्यागी, आराधना चतुर्वेदी, अविष्कार रावत, रमन शर्मा और आरती रावत।
उपाध्यक्ष पद पर सबसे बड़ी जीत
उपाध्यक्ष पद पर इस बार सबसे बड़ी जीत हुई। भानू प्रताप सिसौदिया लगातार चौथी बार चुने गए। उन्हें कुल 850 वोट मिले। जबकि, उनके प्रतिद्वंदी को 423 मत मिले हैं। इस पद पर सबसे बड़ी लड़ाई थी। कुल 10 अधिवक्ताओं ने इसके लिए किस्मत आजमाई थी।