Advertisement Section
Header AD Image

राष्ट्रीय खेल में फिक्सिंग मामला, ताइक्वांडो डायरेक्टर कंपटीशन DOC प्रवीण कुमार पर एक्शन, आईओए ने गेम्स शुरू होने से पहले हटाया

देहरादून, 3 फरवरी। उत्तराखंड में चल रहे नेशनल गेम्स में ताइक्वांडो खेल में मेडल बेचे जाने और फिक्सिंग का मामला सामने आया है. इस मामले में इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन की गेम टेक्निकल कंडक्ट कमेटी कार्रवाई की है. मामले के आरोपी ताइक्वांडो के डायरेक्टर कंपटीशन DOC को गेम्स शुरू होने से ठीक पहले हटा दिया गया है.
दरअसल, उत्तराखंड में चल रहे 38 वें राष्ट्रीय खेलों में ताइक्वांडो की प्रतियोगिता हल्द्वानी में आयोजित होनी है. इस प्रतियोगिता के शुरू होने से पहले मैच फिक्सिंग और मेडल की खरीद फरोख्त के आरोप सामने आये. जिसके चलते इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन की गेम टेक्निकल कंडक्ट कमेटी ने ताइक्वांडो के डायरेक्टर कंपटीशन DOC प्रवीण कुमार को दिया है. उनकी जगह दिनेश कुमार को डायरेक्टर ऑफ कंपटीशन बनाया गया है.
इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार जीटीसीसी अध्यक्ष सुनैना कुमारी ने पीएमसीसी की सिफारिशें स्वीकार कर ली गई हैं. सुनैना ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में कहा-”यह महत्वपूर्ण है कि हम पीएमसी समिति की सिफारिशों को ध्यान में रखें और राष्ट्रीय खेलों उत्तराखंड की अखंडता को बनाये रखे, प्रतियोगिता के पूर्व निदेशक के खिलाफ शिकायतें मिलने के अलावा हम यह जानकर भी हैरान हैं कि उन्होंने खेल विशेष स्वयंसेवकों के चयन परीक्षणों के लिए कुछ राज्य संघों के पदाधिकारियों और कार्यकारी समिति के सदस्यों के साथ-साथ उपकरण विक्रेताओं को भी नामित किया था.”
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने जीटीसीसी के फैसले का समर्थन किया. उन्होंने कहा- ”सभी हितधारकों के लिए खेल की भावना को बनाए रखना और सभी प्रतिभागियों को देश के सबसे बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का उचित मौका देना महत्वपूर्ण है. यह चौंकाने वाला और दुखद है कि राष्ट्रीय खेलों के पदकों का फैसला कथित तौर पर प्रतियोगिताओं की शुरुआत से पहले ही खेल के मैदान से दूर किया गया.
उन्होंने इस बयान में कहा, ” आईओए में हम अपने खिलाड़ियों के प्रति निष्पक्ष रहने के साथ साथ प्रतिस्पर्धा में हेरफेर करने और राष्ट्रीय खेलों की छवि खराब करने वाले लोगों से उनकी रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं’
यहां जारी बयान के मुताबिक पीएमसी समिति को पता चला कि भारतीय ताइक्वांडो महासंघ द्वारा नियुक्त कुछ अधिकारी ‘प्रतियोगिता शुरू होने से बहुत पहले 16 वजन श्रेणियों में से 10 में’ मैचों के नतीजे तय कर रहे थे. आईओए को मिली जानकारी के मुताबिक, ”स्वर्ण पदक के लिए तीन लाख रुपये की मांग की गयी थी. रजत पदक के लिए दो लाख और कांस्य पदक के लिए एक लाख रुपये की मांग की गई थी. ताइक्वांडो की कुल 16 क्योरूगी और 10 पूमसे प्रतियोगिताएं चार से आठ फरवरी तक हल्द्वानी में होंगी. आरोपों के अनुसार फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 16 में से 10 भार वर्गों में मैचों के नतीजे पहले ही तय कर दिए थे.
Previous post अभिषेक शर्मा के ऑलराउंड प्रदर्शन के चलते भारत ने इंग्लैंड को 150 रनों से हराया, 4-1 से जीती सीरीज
Next post 10वीं, 12वीं स्टूडेंट्स के लिए बड़े काम की चीज, 10 दिन में कर लें सीबीएसई क्वेश्चन बैंक की प्रैक्टिस