वंदना रावत
टिहरी गढ़वाल, श्रेष्ठन्यूज़, प्रतापनगर में बीजेपी ने 2017 व 12 एव 2007 से ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया जिसका दिमागी सन्तुलन बिगड़ रखा है,जिसने चुनाव में कहा कि मैं 2 किलो रोड़ बनाऊंगा, जो अपने ही दल के नेताओ के नाम को तक नही याद रख सकता जो हाल के प्रसिद्ध मेले में सांसद अजय टम्टा को अजय भट्ट 26 नवम्बर2021 को सेमनागराजा के मेले के समापन के अबसर पर कहगये । सांसद महारानी श्रीमती राज लक्ष्मी शाह को महाराज आदि तक कहता है,इसके अलावा विधायक विजय सिंह पंवार महाशय पूरे कार्यकाल में कहाँ रहे कितने लोगों को मिले जरा वो बताए तो सही । वर्ष 2017 से उसने कितने गॉव का और कब भृमण किया।उसकी याददास्त कमजोर है,वो तो बिल्ली के बाग से छींका फूटा और 2017 में मोदी लहर में वो जीत गया,2007 में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जी की कृपा व खण्डूड़ी जी के नाम से जीता, है पर जो बना 5 साल लापता रहा, इलाके का बनाथधार कर गया।
जिसको पता ही नही कि विधानसभा में कुल कितने बूथ हैं,मण्डल अध्य्क्ष का नाम वो सीधे स्प्ष्ट नही ले सकता क्योंकि उसकी दिमागी हालात ठीक है ही नही,उसके सिर में चोट लगने से वो कई कई महीने अस्पताल में रहा,फिर भी न जाने मोदी व अमित शाह जी का प्रतापनगर के लोगो ने क्या खाया जो उसे प्रतापनगर में थोपते हैं,जिसका न तो यहाँ गॉव है क्योंकि उसका गॉव तो टिहरी झील में डूब गया,न उसे यहाँ के लोगो से कोई लगाव है,उसे खूब लूटना था खूब कमाना था उसने देहरादून रहकर,ठेकेदारों से कमीशन की अटैची अपनी पत्नी को पकड़ाई, अपने बेटे को हर व्यक्ति पर नजर रखने को रखा कि कौन कहाँ से माल ला रहा है,जिसकी पत्नी सौदेबाजी में रही,पर इन्होंने कभी क्षेत्र के विकास को प्रमुखता नही दी,अरे भई उसकी पत्नी व बेटा क्यों दलाली में लगे हैं?जब विधायक की हालत ठीक नही तो क्यों उसे बीजेपी बार बार थोप रही है,यदि 2022 में उस अपंग व्यक्ति को टिकट मिलता है तो बीजेपी की जमानत जब्त होगी क्योंकि इस विधायक से क्षेत्रीय जनता तो परेशान है ही बीजेपी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी परेशांन है।ऐसे नकारे व्यक्ति को पार्टी को घर बिठाना चाहिए,ऐसे अपंगों को पार्टी को बिल्कुल आराम देना चाहिए,जिससे कोई योग्य,पढा लिखा व विजनरी व्यक्ति को क्षेत्र के विकास का मौका मिल सके,इसने तो कभी THDC की दलाली की कभी ठेकेदारों की क्षेत्र को तो इसने गर्त में धकेला है। दीपक सिंह बगियाल प्रतापनगर से विजय पंवार के मानसिक असंतुलन को देखते हुए टिकट न दिया जाय -दीपक बगियाल
