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मलबे में दबकर मां और बच्चों की मौत, पर मरते-मरते भी जिंदा रही ममता

 

 

चमोली। शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर कुंतरी लगा फाली गांव में आपदा के बाद कई लोग अब तक लापता हैं। रेस्क्यू टीमें दिन रात मलबा हटाने और लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। ग्रामीण भी पूरी ताकत से खोजबीन में लगे हैं, लेकिन इसी तलाश ने एक ऐसी तस्वीर सामने ला दी, जिसे जिसने भी देखा उसका कलेजा फट गया।
38 साल की कांता देवी और उनके 10 साल के जुड़वां बेटे अब इस दुनिया में नहीं रहे। ग्रामीणों ने बताया कि जब रेस्क्यू टीम कुंवर सिंह के मकान के अंदर पहुंची तो वहां का मंजर देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं, क्योंकि कांता देवी अपने दोनों बेटों (विशाल और विकास) को सीने से कसकर लगाए हुए मलबे में दबी हुई थीं। मानों आखिरी सांस तक मां ने अपने बच्चों को बचाने की कोशिश की हो, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। बता दें कि, कांता देवी के पति कुंवर सिंह को रेस्क्यू टीम ने 16 घंटे बाद मलबे से जीवित निकाला था लेकिन उनकी पत्नी-बच्चे इस आपदा में नहीं बच सके।
इस हादसे में मृत कुल 5 लोगों के शव निकाले गए। रेस्क्यू टीम और ग्रामीणों ने जब मां-बेटों के शव बाहर निकाले तो पूरा गांव सिसकियों से गूंज उठा। बच्चों को गांव की रौनक कहने वाले लोग अब सुन्न हैं। घर-घर मातम है और दिलों में बस यही सवाल क्यों इतनी निर्दयी हो गई यह त्रासदी। आज कुंतरी फाली गांव में सिर्फ खामोशी है, वो खामोशी जिसमें मासूमों की खिलखिलाहट खो चुकी है। मां का प्यार मलबे में दब चुका है और हर घर सिर्फ यही दुआ मांग रहा है कि अब ऐसी तबाही दोबारा न आए।

 

 

 

 

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