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प्रसिद्ध लोकगायिका हेमा नेगी करासी के गीतों पर मंत्रमुग्ध हुए लोग

श्रीनगर, 6 नवम्बर। ऐतिहासिक बैकुंठ चतुर्दशी मेले की दूसरी संध्या लोकसंगीत के रंग में रंगी रही। उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोकगायिका हेमा नेगी करासी की सुमधुर प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर तक मंत्रमुग्ध कर दिया।
जैसे ही करासी मंच पर पहुंचीं, पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत नंदा देवी पर आधारित जागर गीत, पारंपरिक भक्ति गीत आंछरी और नृसिंह जागर से की। इसके बाद जब उन्होंने अमरा बांध, जाग नंदा, गिरातोली गिर गेंदुआ और मेरी बामणी जैसे लोकप्रिय गीतों को स्वर दिए, तो दर्शक थिरकने लगे। मेयर आरती भंडारी ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मेले को भव्य रूप देने की निगम की ओर से पूरी कोशिश की गई है। आने वाले दिनों में और भी भव्य कार्यक्रम आयोजित होंगे।कार्यक्रम प्रभारी रमेश रमोला, नरेंद्र रावत, राजकुमार जी एवं निगम के समस्त पार्षद उपस्थित रहे
जादूगर एनसी सरकार ने दिखाए करतब
बैकुंठ चतुर्दशी मेले की दूसरी संध्या में इस बार ख्यातिप्राप्त जादूगर एनसी सरकार का शो आयोजित किया गया। एनसी सरकार ने अपने जादू शो की शुरुआत साधारण प्रतीत होने वाले कुछ छोटे करतबों से की, लेकिन जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, दर्शकों की आंखें विस्मय से फैलती चली गईं। कभी उन्होंने हवा में से रुमाल को कबूतर बना दिया, तो कभी खाली डिब्बे से फूलों की बारिश कर दी। बच्चों की तालियों और हंसी से पूरा पंडाल गूंज उठा। उनकी तेज हाथ की सफाई, रहस्यमय ट्रिक्स और मंच पर नियंत्रित रोशनी व संगीत ने शो को रोमांचक बना दिया।
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