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उत्तराखंड में बारिश का कहर! आसमानी आफत से डरे लोग, मलबे में दबी गाड़ियां, आज भी बदला रहेगा मौसम

चमोली, 9 अप्रैल। उत्तराखंड में बुधवार 9 अप्रैल को दोपहर बाद कई जिलों में झमाझम बारिश हुई. बारिश और ओलावृष्टि के कारण जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली तो वहीं चमोली जिले के थराली में बड़ा नुकसान भी हुआ है. थराली में रामलीला मैदान के पास गदेरा बारिश के बाद उफान पर आ गया था. इस वजह से पहाड़ी से काफी मलबा नीचे आया. इस मलबे में कई वाहनों के दबे होने की सूचना हैं. इसके अलावा कुछ सड़कों भी अवरुद्ध हुई हैं.

आज भी बिगड़ा रहेगा मौसम
उत्तराखंड में आज भी मौसम विभाग ने प्रदेश के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, बागेश्वर, अल्मोड़ा, देहरादून, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत समेत कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

थराली में बुधवार को आई आसमानी आफत ने जमकर कहर बरपाया. बारिश से थराली बाजार में बरसाती गदेरे के उफान पर आने से 10 से अधिक वाहन बरसाती मलबे की चपेट में आ गए। जबकि छह से अधिक दुकानों में मलबा और पानी घुस गया। सूचना पर पहुंची तहसील प्रशासन की टीम ने किसी तरह वाहनों को मलबे से निकाला। वहीं देवाल मोटर मार्ग कोठी और ऊणी में मलबा आने से बंद हो गया। रामलीला मैदान के पास पहाड़ी से बारिश के बाद बड़ी मात्रा में मलबा आया. बताया जा रहा है कि इस मलबे में कई गाड़ियां दब गई. गनीमत रही कि गाड़ियों में उस समय कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था. इसलिए किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई.

थराली के अलावा कर्णप्रयाग ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग भी नासिर बाजार के पास मलबा आने से अवरुद्ध हो गया था, जिसे बीआरओ (बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन) की टीम ने खोल दिया है. बताया जा रहा है कि थराली देवाल मोटरमार्ग भी मलबा आने से बंद हो गया है, जो कल गुरुवार को ही खुलने की उम्मीद है. इसके अलावा पुलिस-प्रशासन की टीम आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का जायजा ले रही है.

गौरतलब हो कि मौसम विभाग ने पहले ही उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट जारी किया था. थराली, केदारबगड़, राड़ीबगड़ सहित बाजारों में पानी भर गया। बारिश से कई घरों में भी पानी घुसा। तेज बारिश से त्रिकोट और भेंटा गदेरा उफान पर आ गया। वहीं थराली और गैरसैंण में ओलावृष्टि हुई। गैरसैंण के दिवालीखाल, भराड़ीसैंण, महरगांव, रामड़ा मल्ला, कुंजापानी आदि ऊंचाई वाले इलाकों में तेज बारिश हुई। माल्टा, आडू, सरसों की फसलों को ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है।

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