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आगामी 21 जुलाई से 25 जुलाई तक चलेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

 

देहरादून,
सूबे के राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) काशीपुर में प्रबंधन व नेतृत्व के गुर सिखाये जायेंगे। आईआईएम काशीपुर व उच्च शिक्षा विभाग के बीच पूर्व में हुये एमओयू के तहत प्रदेशभर के प्रचार्यों को बैचवार प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस श्रृंखला के तहत आगामी 21 से 25 जुलाई तक आयोजित होने वाले ‘नर्चरिंग फ्यूचर लीडरशिप कार्यक्रम’ में प्रदेशभर के 40 प्राचार्य प्रतिभाग करेंगे।

सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित मालवीय मिशन शिक्षक कार्यक्रम (एमएमटीटीपी) के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्राचार्यों को नेतृत्व क्षमता, रणनीतिक सोच, प्रभावी निर्णय क्षमता, कुशल प्रबंधन, अंतर-कार्यात्मक समन्वय एवं शैक्षणिक अंतदृष्टि जैसे विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य राजकीय महाविद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को सुदृढ़ करना है। प्रशिक्षण उपरांत प्राचार्य अपने-अपने महाविद्यालयों के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विकास में नई ऊर्जा और दिशा प्रदान कर सकेंगे। डॉ. रावत ने प्रतिभागी प्राचार्यों को आईआईएम काशीपुर में आयोजित नर्चरिंग फ्यूचर लीडरशिप कार्यक्रम (एनएलएफपी) में प्रशिक्षण के लिये अपने स्तर से पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आईआईएम काशीपुर व उच्च शिक्षा विभाग के बीच हुये एमओयू के तहत समय-समय पर नर्चरिंग फ्यूचर लीडरशिप कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। जिसमें 40-40 प्राचार्यों का बैच प्रशिक्षण के लिये जायेगा, ताकि सभी महाविद्यालयों को इसका लाभ मिल सके।

*लीडरशिप प्रोग्राम में शामिल होंगे इन महाविद्यालयों के प्राचार्य*
आईआईएम काशीपुर में होने वाले लीडरशिप प्रोग्राम में प्रदेशभर के 40 महाविद्यालयों के प्राचार्य प्रतिभाग करेंगे। जिसमें राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग, मालधनचौड़, हल्द्वानी शहर, कॉडा, चौखुटिया, भिकियासैंण, लमगड़ा, बलुवाकोट, देवीधुरा, बनबसा, पाटी, सितारगंज, किच्छा, जयहरीखाल, बिथ्याणी, नारायणबगड़, जखोली, गुप्तकाशी, ब्रह्मखाल, अगरोड़ा, नैनबाग, कमांद, चुड़ियाला, भूपतवाला के प्राचार्य शामिल हैं। इसके अलावा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्दूचौड़, स्याल्दे, मानिला, बेरीनाग, लोहाघाट, कोटद्वार, थलीसैण, जोशीमठ, गैरसैण, अगस्त्यमुनि, नईटिहरी, डाकपत्थर, डोईवाला के साथ ही राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी, जसपुर व राजकीय व्यावसायिक महाविद्यालय पैठाणी के प्राचार्य भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे।

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