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रिटायरमेंट पर सबको रुला गए उत्तराखंड के ये डॉक्टर, दिल्ली AIIMS हुआ भावुक, पद्मश्री से हो चुके हैं सम्मानित

नई दिल्ली, 3 जनवरी। एम्स दिल्ली के डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद आई सेंटर के प्रमुख डॉ जीवन सिंह तितियाल 31 दिसंबर 2024 को रिटायर हो गए. एम्स में अपने 33 साल के करियर में उन्होंने एक लाख से ज्यादा मरीजों की आंखों के सफल ऑपरेशन किए. इसके साथ ही उन्होंने तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा और देश के पूर्व प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी तक की आंखों का भी इलाज किया.

डॉ जीवन सिंह तितियाल को आंखों की चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और देश का पहला लाइव कॉर्निया ट्रांसप्लांट के लिए देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से वर्ष 2014 में सम्मानित किया गया. डॉक्टर तितियाल की बात करें तो वह मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले हैं. एम्स में कार्यरत रहने के कारण अब दिल्ली में ही सेटल हैं. उनके साथ काम कर चुके एम्स मीडिया सेल में कार्यरत राजीव मैखुरी ने बताया कि डॉक्टर तितियाल के लिए मरीज का इलाज हमेशा पहली प्राथमिकता होता था. उन्होंने आंखों के इलाज को किस तरह से सरल बनाया जा सकता है, इसके लिए काफी काम किया.

राजीव मैखुरी ने बताया कि अपने रिटायरमेंट वाले दिन भी डॉक्टर तितियाल ने सात मरीजों की आंखों का ऑपरेशन किया. डॉक्टर तितियाल केराटोप्लास्टी, अपवर्तक सर्जरी, स्टेम सेल प्रत्यारोपण, कॉन्टैक्ट लेंस, कम दृष्टि सहायता और मोतियाबिंद जिसमें फेकोएमल्सीफिकेशन और बाल चिकित्सा मोतियाबिंद जैसे समस्याओं के विशेषज्ञ के रूप में जाने जाते हैं. उन्हें जटिल कॉर्नियल समस्याओं के लिए पहली इंटैक्स सर्जरी करने का भी श्रेय दिया जाता है.

कई बड़े नेताओं का भी किया इलाज
डॉक्टर तितियाल ने अपने करियर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी की भी आंखों का सफल ऑपरेशन किया.

विदाई के दौरान हुए भावुक
31 दिसंबर दोपहर के समय जब डॉक्टर जीवन सिंह तितियाल अपनी ड्यूटी के आखिरी दिन रिटायरमेंट के बाद जब घर जाने के लिए निकले तो सहकर्मियों और मरीजों की आंखों से भी आंसू निकल पड़े. उनको देखकर डॉक्टर तितियाल भी भावुक हो गए. ऑपरेशन थिएटर से निकले डॉक्टर तितियाल सहकर्मी और मरीजों से गले मिलते हुए अपने आखिरी दिन की ड्यूटी पूरी करके घर के लिए निकले. एम्स द्वारा उन्हें विदाई दी गई.

पेशे के प्रति लगाव ने बनाया लोकप्रिय
डॉक्टर तितियाल का अपने पेशे के प्रति लगाव और समर्पण ने उन्हें मरीजों और स्टाफ के प्रति लोकप्रिय बनाया. उनके द्वारा आंखों के इलाज के क्षेत्र में की गई कई रिसर्च में सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है.

पिथौरागढ़ के रहने वाले डॉक्टर तितियाल
डॉक्टर तितियाल मूल रूप से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के रहने वाले हैं. अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने मेडिकल के क्षेत्र में जाने का निर्णय लिया. मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली एम्स से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की और अब 33 साल की सेवा पूरी करने के बाद दिल्ली एम्स से रिटायर हो गए हैं.

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