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बोर्ड परीक्षा के बाद ही होंगे शिक्षकों के अंतरमंडलीय तबादले, जो जहां का वहीं कर सकेगा भर्ती का आवेदन

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देहरादून, 22 फरवरी। प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं के बाद शिक्षकों के अंतरमंडलीय तबादले किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सदन में एक सवाल के जवाब में इसकी जानकारी दी। मंत्री ने कहा, 542 शिक्षकों ने तबादलों के लिए आवेदन किया। जिसमें महिला संवर्ग में 56 शिक्षिकाएं हैं।

सदन में विधायक प्रीतम पंवार ने सवाल किया कि शिक्षकों के अंतर मंडलीय तबादलों के लिए कितने शिक्षकों के आवेदन आए हैं। इसके जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा, राज्य गठन के बाद पहली बार सरकार सहायक अध्यापक एलटी शिक्षकों के अंतर मंडलीय तबादले करने जा रही है।

विभागीय मंत्री ने कहा, कई शिक्षक हैं जो 20 से 22 साल से एक ही मंडल में हैं जो दूसरे मंडल में नहीं आ पा रहे हैं। सरकार ने पूरे सेवाकाल में एक बार इन शिक्षकों के दूसरे मंडल में तबादले का विकल्प दिया गया है। विभाग की ओर से एसओपी जारी की जा चुकी है। इसमें व्यवस्था की गई है कि जिस शिक्षक की कम से कम पांच साल की सेवा पूरी हो चुकी है। उन्हें दूसरे मंडल में तबादले का अवसर दिया जाएगा। तबादलों के लिए शिक्षकों की काउंसलिंग हो चुकी है। अभी उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाएं होनी हैं। परीक्षाएं खत्म होते ही शिक्षकों के तबादलों की सूची जारी कर दी जाएगी।

राज्य में वन भूमि पर बनेंगे प्री-फैब्रिकेटेड स्कूल
प्रदेश में वन भूमि पर सरकार प्री-फैब्रिकेटेड स्कूल बनाएगी। सदन में विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने सवाल किया कि वन भूमि पर स्कूलों को मान्यता नहीं मिल पा रही है। इससे वन खत्तों में स्कूल भवन नहीं बन पा रहे हैं। इस पर शिक्षा मंत्री ने बताया कि वन भूमि पर प्री-फैब्रिकेटेड स्कूल बनाए जाएंगे। इसके लिए वन विभाग को धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

जो जहां का वहीं कर सकेगा भर्ती का आवेदन
प्राथमिक शिक्षक भर्ती को लेकर सरकार इस तरह की व्यवस्था बनाने पर विचार कर रही है कि जो जिस जिले का निवासी है, उसी जिले में भर्ती के लिए आवेदन कर सके। सदन में एक सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के 2,900 पदों पर भर्ती में से दो हजार पदों पर नियुक्ति की जा चुकी है। भर्ती में यह दिक्कत आई कि कुछ अभ्यर्थियों ने कई जिलों से भर्ती के लिए आवेदन किया हुआ था। इसलिए वे एक जिले में नियुक्ति मिलने के बाद उसे छोड़कर अन्य जिलों का विकल्प भरते रहे।

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