Advertisement Section
Header AD Image

नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल से शुरू,लाखों छात्रों को नहीं मिली मुफ्त किताबें, कापियां मिलने में लगेगा अभी समय

Read Time:3 Minute, 31 Second

देहरादून, 1 अप्रैल। सरकारी और अशासकीय विद्यालयों में छुट्टी के बाद आज से न सिर्फ स्कूल खुल रहे हैं, बल्कि नया शिक्षा सत्र 2025-26 भी शुरू हो गया है। नियमानुसार एक अप्रैल शुरू होने से पहले सभी छात्र-छात्राओं तक मुफ्त पाठ्य पुस्तकें पहुंच जानी चाहिए, लेकिन प्रदेश में मुफ्त पाठ्य पुस्तकों के नाम पर विद्यालयों में पढ़ने वाले 10 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के साथ हर साल की तरह इस साल भी मजाक हुआ है।

सरकार की ओर से सरकारी और अशासकीय विद्यालयों में कक्षा एक से 12वीं तक पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को पाठ्य पुस्तकें दी जाती हैं। नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले विभाग के पास छात्रों तक पाठ्य पुस्तकें पहुंचाने के लिए साल भर का समय रहता है। सिस्टम की सुस्ती का आलम यह है कि शासन से विभाग को इसके लिए मात्र 11 दिन पहले सहमति मिली।

वहीं, पिछले सप्ताह प्रिंटर को एनसीईआरटी से उपलब्ध सीडी दी गई। जबकि अन्य राज्यों में ब्लॉक स्तर तक पाठ्य पुस्तकें पहुंच चुकी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डाॅ. मुकुल कुमार सती का कहना है कि पाठ्य पुस्तकों के लिए शासन से सहमति मिल चुकी है। तीन अप्रैल से छात्र-छात्राओं को पाठ्य पुस्तकें मिलने लगेंगी। जब तक पाठ्य पुस्तकें नहीं पहुंचेंगी विद्यालयों में बने बुक बैंक से छात्र-छात्राओं को इसे उपलब्ध कराया जाएगा।

कापियां मिलने में लगेगा अभी समय
सरकारी और अशासकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को मुफ्त पाठ्य पुस्तकों के बाद मुफ्त कापियां दी जानी है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मुफ्त कापियों के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। अनुमति मिलने के बाद पहली बार छात्र-छात्राओं को मुफ्त कापियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

पौड़ी जिले में सबसे अधिक सरकारी स्कूल
प्रदेश में पौड़ी जिले में सबसे अधिक 1994 सरकारी स्कूल हैं। अल्मोड़ा में 1713, बागेश्ववर में 768, चमोली में 1325, चंपावत में 682, देहरादून में 1296, हरिद्वार में 938, नैनीताल में 1349, पिथौरागढ़ में 1487, रुद्रप्रयाग में 765, टिहरी में 1901, ऊधमसिंह नगर में 1110 और उत्तरकाशी में करीब 1173 सरकारी स्कूल हैं।

मुफ्त पाठ्य पुस्तकों के लिए 20 मार्च को शासन से सहमति मिली है। प्रिंटर के साथ इसके लिए एमओयू हो चुका है। जल्द छात्रों को पुस्तकें मिलने लगेंगी।
-डा. मुकुल कुमार सती, निदेशक माध्यमिक शिक्षा

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Previous post मैं योगी हूं, हमेशा के लिए राजनीति में नहीं, प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पर सीएम योगी का बड़ा बयान
Next post सबसे अधिक मैच खेलने वाली हाकी खिलाड़ी, हैट्रिक गर्ल वंदना कटारिया ने हॉकी से लिया संन्यास