Advertisement Section
Header AD Image

उत्तराखंड के लिए आरक्षित एकमात्र सीट पर दून के वैभव को मिला दाखिला, पिता की सीख से मिली कामयाबी

देहरादून, 13 दिसम्बर। वैभव बिजल्वाण (12) की फुटबाल खिलाड़ी बनने की जिद ने उन्हें देश के सबसे बड़े मिलिट्री संस्थानों में शामिल राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) में प्रवेश दिला दिया है। वैभव के पिता एसडीआरएफ में निरीक्षक के पद पर उत्तरकाशी में तैनात हैं।
देहरादून के विद्या विहार फेज-एक में रहने वाले वैभव को बचपन से ही फुटबाल खेलने का जुनून था। उनका सपना था कि वह पुर्तगाल की किसी प्रसिद्ध फुटबाल अकादमी में दाखिला लेकर एक पेशेवर खिलाड़ी बनें। जब उन्होंने अपने पिता से इस बारे में बात की तो उनके पिता ने कहा, फुटबाल में उत्कृष्टता हासिल करने के साथ पढ़ाई भी जरूरी है।
इसलिए, आरआईएमसी में दाखिला लेकर पढ़ाई और फुटबाल दोनों साथ कर सकते हैं। पिता की इस सीख के बाद वैभव ने कड़ी मेहनत के बाद आरआईएमसी की लिखित परीक्षा पास कर ली। वैभव के पिता जगदंबा प्रसाद ने कहा, आरआईएमसी में सभी प्रदेशों के लिए 25 सीट और उत्तराखंड के लिए मात्र एक सीट थी।
इस पर उनके बेटे का लिखित और साक्षात्कार के बाद चयन हुआ है। परीक्षा 30 जून और साक्षात्कार आठ नवंबर को हुआ था। मेरिट लिस्ट शुक्रवार सुबह आरआईएमसी की वेबसाइट पर जारी की गई। वैभव को आठवीं में दाखिला मिलेगा। वहीं 10वीं के बाद उन्हें सेना में अधिकारी बनने की राह आसान होगी। पुलिस महानिरीक्षक एसडीआरएफ रिधिम अग्रवाल ने शुभकामनाएं दी हैं।
वैभव ने प्रदेश की एकमात्र सीट पर दाखिला पाकर अपने माता-पिता के साथ ही एसडीआरएफ का नाम भी रोशन किया है, जिससे एसडीआरएफ में हर्ष का माहौल है। आरआईएमसी में दाखिला वैभव के कॅरिअर में मील का पत्थर साबित होगा।
अर्पण यदुवंशी, सेनानायक, एसडीआरएफ
Previous post 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को नौकरी के अलावा दोगुना इनाम
Next post जनसंख्या में गिरावट चिंता का विषय, बढ़ती रहनी चाहिए आबादी’, RSS प्रमुख मोहन भागवत ने फिर दोहाराया