रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर रामनगरी में उमड़ा जनसैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने किया रामलला का दर्शन-पूजन

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर रामनगरी में उमड़ा जनसैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने किया रामलला का दर्शन-पूजन

अयोध्या, 22 जनवरी। रामजन्मभूमि में बन रहे भव्य मंदिर में 22 जनवरी 2024 में रामलला विराजमान हुए थे. एक साल बाद इस पावन दिन पर बुधवार को फिर से रामनगरी में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा. सुबह कोहरा व बेतहाशा ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रामलाल का दर्शन-पूजन किया. हर तरफ जय श्रीराम के जयकारे लगते रहे. श्रद्धालु देर शाम तक जन्मभूमि पथ पर कतारबद्ध दिखे. इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे.

बता दें कि भव्य मंदिर में 22 जनवरी 2024 में ही रामलला विराजमान हुए थे. अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक, बुधवार को राम मंदिर की पहली वर्षगांठ पर श्रद्धालुओं का रेला नजर आया. हालांकि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक 11 जनवरी को ही पहली वर्षगांठ मना चुका है. इस दौरान तीन दिन आयोजन भी हुए थे, जिसमें भी लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने अयोध्या पहुंचकर रामलला का दर्शन किया था.

मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि आज का दिन बहुत ही महत्व पूर्ण है. आज ही के दिन रामलला का प्राण प्रतिष्ठा हुआ था, लेकिन पिछले वर्ष आज के ही दिन पौष शुक्ल द्वादशी था. जो इस बार 11 जनवरी को मनाया गया. लेकिन देश विदेश में रहने वाले लोग आज के दिन को भी बहुत ही उल्लास के साथ मना रहे हैं. आज भी प्रतिदिन कि तरह रामलला को 12.30 से 01.00 बजे के बीच भोग आरती के लिए मंदिर का पट बंद किया गया था.

इस पल के गवाह बनने के लिए महाराष्ट्र से पहुंचे आनेय काके ने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष समाप्त होने के बाद अयोध्या में बहुत ही सुन्दर मंदिर बना है. आज जन हम लोग इस दृश्य को देखते हैं तो आंखों से आंसू आ जाते हैं. इस मंदिर के लिए कई लोगों ने बलिदानी दी है. हम लोग बहुत से सपने लेकर आये थे. यहां का वातावरण देख कर बहुत मन प्रसन्ना हो गया. महिला श्रद्धालु अमिता जोशी ने कहा कि इस महत्वपूर्ण तिथि पर आकर बहुत प्रसन्नता हुई है. पूरा राममय वातावरण है, जिसका अनुभव ले रहे हैं. सभी भक्तों में बहुत ही आनंद और खुशहाली है.

एसएसपी राजकरण नैयर ने बताया कि सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किये गए हैं. अयोध्या को 6 जोन और 17 सेक्टर में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है. हर जोन में राजपत्रित अधिकारी, सेक्टर में सीओ लेवल के अधिकारी को तैनाती की गई है.

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